
जल संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी से मिली नई ऊर्जा
नदी–बावड़ी सफाई से लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान, जिले की बड़ी उपलब्धि
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में सशक्त पहल
खरगोन 07 अप्रैल 2026। जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 जिले में जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। भगवानपुरा विकासखंड के ग्राम थरड़पुरा में गणगौर गोमुख नदी एवं माता मंदिर स्थित बावड़ी की सामूहिक सफाई कर अभियान की जमीनी शुरुआत की गई, वहीं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले ने प्रदेश स्तरीय डैशबोर्ड में तीसरा स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों ने दो घंटे श्रमदान कर गणगौर गोमुख नदी को स्वच्छ किया तथा बावड़ी की सफाई के साथ जल रोकने के लिए पत्थर बंधान का निर्माण भी किया। इस अवसर पर संभागीय समन्वयक श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में जल संरक्षण को व्यवहार में उतारने का संकल्प लिया गया।परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री महेश कुमार खराड़े ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून 2026 तक चल रहे इस महाअभियान में श्रमदान, स्वच्छता और जल सहेजने की शपथ के माध्यम से जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। ग्रामीणों को सप्ताह में कम से कम दो घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान करने तथा गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, पूर्व से मौजूद जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्रोतों एवं जल वितरण प्रणालियों की नियमित साफ-सफाई तथा ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समाज और सरकार की सहभागिता से जल संरक्षण एवं संवर्धन को स्थायी आंदोलन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में 06 अप्रैल 2026 को जिले को प्रदेश स्तरीय डैशबोर्ड में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। उज्जैन एवं खंडवा के बाद जिले की यह रैंकिंग दर्ज की गई है, जबकि कसरावद विकासखंड भी प्रदेश के शीर्ष तीन ब्लॉकों में शामिल हुआ है। अभियान अवधि में जिले में कुल 7,284 कार्य स्वीकृत हुए, जिनमें से 4,039 कार्य पूर्ण होकर लगभग 55 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई है।
वित्तीय रूप से, लगभग ₹147.82 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए, जिनमें से ₹116.05 करोड़ के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अधिकांश कार्य मनरेगा के अंतर्गत संपादित किए गए हैं। इस अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, राजस्व, संस्कृति एवं जनसंपर्क सहित लगभग 17 विभागों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के निर्देशानुसार फील्ड अमले को जल गंगा संवर्धन कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मिलिंद कुमार नागदेवे द्वारा सतत मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने वर्षा जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण को आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे पेयजल, सिंचाई, निस्तार एवं भूजल स्तर में वृद्धि सुनिश्चित होगी। साथ ही अमृत सरोवरों का उपयोग स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन के लिए किए जाने की योजना है, जिससे आयवृद्धि के साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।










